इस हप्ते को शेयर बाजार में अच्छी कमाई कराएंगे ये 10 फैक्टर , रखना होगा नजर

इस हप्ते को शेयर बाजार में अच्छी कमाई कराएंगे ये 10 फैक्टर , रखना होगा नजर

पश्चिमी देशों में मंदी की आशंका के बीच लगातार तीसरे सप्ताह बिकवाली का दबाव बना रहा

पश्चिमी देशों में मंदी की आशंका के बीच लगातार तीसरे सप्ताह बिकवाली का दबाव बना रहा

और भारतीय शेयर बाजार के इक्विटी बेंचमार्क 30 सितंबर को समाप्त सप्ताह में 1 फीसदी से अधिक नीचे बंद हुए। 

सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 672 अंक गिरकर 57,427 पर, जबकि निफ्टी 50 233 अंक गिरकर 17,094 पर बंद हुआ।

एक्सपर्ट्स ने कहा,  उतार-चढ़ाव और कमजोर वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए घरेलू बाजार का जोर वैश्विक संकेतों पर है।

सितंबर तिमाही के नतीजों, मासिक मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज डाटा के साथ ही करेंसी के ट्रेंड्स पर रहेगा।

3 अक्टूबर को, सप्ताहांत में जारी ऑटो बिक्री के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देने वाला बाजार सबसे पहले होगा।

सितंबर महीने का S&P Global Manufacturing PMI डाटा 3 अक्टूबर को जारी होगा, वहीं S&P Global Composite PMI और Services PMI डाटा 6 अक्टूबर को जारी होंगे।

23 सितंबर को समाप्त पखवाड़े के लिए बैंक ऋण और जमा वृद्धि के आंकड़े 7 अक्टूबर को जारी किए जाएंगे।

7 अक्टूबर को जारी होने वाले 30 सितंबर को समाप्त सप्ताह के विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों पर बाजार की नजर रहेगी.

इसको लेकर लगातार दबाव बना हुआ है। 23 सितंबर को समाप्त सप्ताह में यह 8.13 अरब डॉलर गिरकर 537 अरब डॉलर पर आ गया।

साप्ताहिक आधार पर भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 36 पैसे कमजोर होकर 81.35 पर बंद हुआ है।

आगे इसके 80-82 की रेंज में रहने का अनुमान है।

एक्सपर्ट्स ने कहा कि बाजार की नजर एफआईआई डेस्क पर रहेगी और अगर बिकवाली जारी रही तो आने वाले हफ्तों में तेजी सीमित हो सकती है।

इंटरनेशनल बेंचमार्क क्रूड फ्यूचर्स सप्ताह के दौरान 1 डॉलर गिरकर 85.14 डॉलर प्रति बैरल रह गया। सितंबर तिमाही में कीमतें 26 फीसदी टूट चुकी हैं। 

अगले सप्ताह बाजार की नजर इन प्रमुख ग्लोबल डाटा पर रहेगी : 

अगर निफ्टी 17,000 से ऊपर बना रहता है तो 26 सितंबर के बियरिश गैप जोन की भरपाई कर सकता है और 17,300- 17,500 से ऊपर निकल सकता है। 

ऑप्शंस डाटा से संकेत मिलते हैं कि निफ्टी के लिए एक ब्रॉडर रेंज 16,500 से 17,600 रहेगी। 

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