what is the difference between equity and debt in hindi 2022 । इक्विटी और डेट में क्या अंतर है?

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equity and debt in hindi  :- हेलो दोस्तो आज पोस्ट में हम लोग बात करने वाले हैं इक्विटी और डेट में क्या अंतर है? क्या-क्या होता है दोस्तों हम लोग इन्वेस्टमेंट तो कर देते हैं डायरेक्ट स्टॉक में या म्यूचल फंड में या डेट म्यूचुअल फंड में लेकिन हमको पता ही नहीं है कि इक्विटी और डेट में क्या अंतर है ।
तो दोस्तों आज की पोस्ट में हम लोग यह बात कहने वाला है इसकी एक इक्विटी क्या है और डेट क्या है

दोस्तों मेरा नाम सुजन दास यार में बीते 5 सालों से स्टॉक मार्केट के बारे में अच्छा खासा नॉलेज गेन कर चुका है उसकी बेटी से आज की यह पोस्ट लिखेंगे तो इस पोस्ट को आखिर तक देखते रहे और पूरा डिटेल्स में जानिए की इक्विटी और डेट में क्या अंतर है ।

तो दोस्तों हम अपने इस बेसिस पर आज की यह पोस्ट शुरू कर रहे हैं तो इस पोस्ट को आगे तक पढ़ते रहे चलिए शुरू कर लेते हैं ।

what is the difference between equity and debt in hindi

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इक्विटी क्या है?

पहले बात कर लेते इक्विटी क्या है । तो दोस्तों इक्विटी के बारे में आपको अच्छी तरह से जानना है तो आप हमारा इक्विटी क्या है वह वाला पोस्ट देख सकती है यहां पर ज्यादा डिटेल्स में बात नहीं करूंगा सिर्फ शार्ट में आपको बताने की कोशिश करूंगा यूक्रिएट क्या मतलब है हिस्सेदारी किसी भी कंपनी का मालिकाना जब भी उसको लिक्विड फॉर्म में या टुकड़ों में बांटा जाता है तभी उसको इक्विटी कहती है ।

डेट क्या है ?

तो दोस्तों सिंपल लैंग्वेज में बोले तो उधारी । चलिए और सिंपल एग्जांपल की हेल्प से ।
माली जी आप एक फ्रेंड एक बिजनेस स्टार्ट कर रहे हो और बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए उसको ₹1000000 की जरूरत है लेकिन उसके पास केवल 900000 ही है । आपका फ्रेंड आपसे मिला और उसने कहा कि मुझे बिजनेस की स्टार्ट करना है इसके लिए ₹100000 चाहिए क्या तुम मुझे ₹100000 दोगे ‌ । और उसने बोला बदले में मैं तुम्हें ₹100000 का 10 परसेंट है या नहीं ₹10000 टोटल मिलाकर ₹110000, 1 साल के बाद वापस कर दूंगा ।


तो दोस्तों सिंपल लैंग्वेज में बोले तो उधारी । चलिए और सिंपल एग्जांपल की हेल्प से ।
माली जी आप एक फ्रेंड एक बिजनेस स्टार्ट कर रहे हो और बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए उसको ₹1000000 की जरूरत है लेकिन उसके पास केवल 900000 ही है । आपका फ्रेंड आपसे मिला और उसने कहा कि मुझे बिजनेस की स्टार्ट करना है इसके लिए ₹100000 चाहिए क्या तुम मुझे ₹100000 दोगे ‌ । और उसने बोला बदले में मैं तुम्हें ₹100000 का 10 परसेंट है या नहीं ₹10000 टोटल मिलाकर ₹110000, 1 साल के बाद वापस कर दूंगा ।

ऐसा क्या हुआ कि दोस्तों यह क्या हुआ कि दोस्तों आपने उस कंपनी का कोई हिस्सेदारी नहीं दिया आपको ओहो दोस्त ने लेकिन उसके बदले आपको कंपनी से मिलने वाला प्रॉफिट का छोटा सा हिस्सा आपको पैसे के बदले इंटरेस्ट देने के लिए भी तैयार हूं वह जब तक आपकी पैसा नहीं चुका देता है तब तक आपको वह इंटरेस्ट देना पड़ेगा आपको आपका पैसा छुड़ा देगा वह इंडिपेंडेंट कर्ज मुक्त कंपनी खड़ा कर सकती है ।
इसके लिए आपकी आपको उस कंपनी का कोई भी इक्विटी नहीं दी उसने सिर्फ आपसे आपकी पैसे उधार मंगा है ।

लेकिन आपको यह लगा कि चलो ठीक है लेकिन दोस्तों इक्विटी में क्या है कि आपको उस कंपनी का कितना परसेंट हिस्सेदारी होगा अगर वह कंपनी आगे जाकर बड़ी भी बन गई या बहुत हाई लेवल का इनकम करती है आपका प्रॉफिट बहुत ज्यादा होगा बहुत अधिक होगा ।

अगर आप इक्विटी लेते तो फायदा भी होता और नुकसान भी होता है को कैसे चली एक बार समझ लेते हैं । तो दोस्तों कभी किसी कंपनी का अगर आप इक्विटी लेते हैं तो इक्विटी का मतलब तो आपको पता ही होगा कि उस कंपनी का हिस्सेदारी अगर कोई बिजनेस को चलाने के लिए रिक्स तो रहता ही है अगर उस कंपनी में प्रॉफिट होता तो आपका भी फॉर फिट होगा अगर उस कंपनी में लॉस होगा तो उसमें आपका भी लॉस होगा ।

लेकिन दूसरी तरफ अगर आपने आपकी दोस्त को उधारी दिया तो आपको यह नहीं देखना पड़ता है कि आपकी दोस्त ने कंपनी से कितना पैसा कमाया और कितना नुकसान किया आप अपनी उधारी का ब्याज वापस देना ही पड़ेगा चाहे उस कंपनी में इनकम हो या ना हो । दोनों कंडीशन में ही आपका ई पॉफिट है आपका नुकसान होने का चांद से ना के बराबर है अगर आपका दोस्त पैसा लेकर भाग गया तो अलग बात है ।

इसका कुछ कॉमन एग्जांपल दे देता हूं दोस्तों जैसे कि मान लीजिए Government security bond (Kisan Vikas Patra ) debt mutual fund ।

दोस्तों आज की पोस्ट में हम लोगों ने जाना कि इक्विटी और डेट के अंदर अंतर क्या हैइक्विटी कि है कि दोस्तों आप उस कंपनी का हिस्सेदार बन जाते हैं और आईपैड उधारी किसी की पर्सनल मैटर है आप उस कंपनी का सुख दुख का पाठ नहीं है अपने उस कंपनी चलाने के लिए पैसा दिया है और उस पैसे की बदौलत आपको ब्याज चाहिए चाहे उस कंपनी ने प्राफिट कमाया या चाहे लस ।

तुम मुझे उम्मीद है दोस्तों की आपको हमारी यह पोस्ट equity and debt in hindi। इक्विटी और डेट में क्या अंतर है? अच्छी लगी है और इस पोस्ट से जुड़ी आपके मन में कोई भी सवाल है तो आप नीचे जरूर कमेंट कर सकती है हम उस कमेंट का जवाब देने की कोशिश करेंगे हज के लिए बस इतना ही ।


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