Eps Kya Hota Hai – full form and meaning in share market in hindi 2022

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हेलो दोस्तों आज की पोस्ट में हम लोग बात करने वाले की eps kya hota hai – full form and meaning in share market in hindi 2022 ईपीएस क्या है इसके बारे में ए टू जेड इंफॉर्मेशन देने वाला हूं आज के इस पोस्ट में तो इस पोस्ट को आखिर तक पढ़ते रहे और आपका मूल्यवान कॉमेंट नीचे करके जाइएगा दोस्तों ।

दोस्तों मेरा नाम सुजन दास है और अमीर में बीते 5 सालों से स्टॉक मार्केट के बारे में अच्छा खासा नॉलेज गेम कर चुका हूं उसी के बेसिस पर आज की यह पोस्ट बनाया गया है मुझे उम्मीद है कि दोस्तों आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी लगेगी अगर इस पोस्ट से जुड़ी कोई भी इंफॉर्मेशन मिस होती है या कोई गलत इंफॉर्मेशन दी जाती है तो आप नीचे कमेंट भी कर सकती है लेकिन मुझे उम्मीद है मैं आपको कभी भी गलत इंफॉर्मेशन नहीं दूंगा तो चलिए शुरू कर लेते आज का टॉपिक ।

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स्टॉक मार्केट में हम लोगों को ज्यादा प्रॉफिट तभी होता है जब अच्छे कंपनी आप चुनते हैं तभी । और अच्छे कंपनी को पहचानने के लिए हम लोगों को हर कंपनी को एक-एक करके चुनना पड़ता है और डिप्ली रिसर्च करना पड़ता है । उनमें से ही एक है दोस्तों ईपीएस । जिसका फुल मतलब है अर्निंग पर शेयर । तो दोस्तों आज हम इस पोस्ट में एपीएस क्या है इसके बारे में ही बात करेंगे ।

और इस पोस्ट में हम जानेंगे eps kya hota hai ,eps meaning in hindi,eps full form in hindi,अर आप इस पोस्ट को आखिर तक करते रहे और अच्छे स्टॉप पहचानने का कुछ निशानी के बारे में नॉलेज लेते रहे ।

Earning per share ( eps) एक नंबर होती है दोस्तों जो कि एक इन्वेस्टर कर लिए बताता है कि एक फिक्स टाइम में यह कंपनी कितना पर शेयर कमाता है इसका नाम से ही पता चल जाता है कि आई नहीं पड़ता है एक शेयर की हिसाब से यह कंपनी आज के टाइम पर कितना कमा रहा है ।
दोस्तों एक इन्वेस्टर के लिए डीपीएस एक अच्छा पॉइंट है । इपीएस एक बहुत ही इंपॉर्टेंट नंबर होती है जो कंपनी की earning power को बता दिए । आज इस कंपनी का आने पर जितना ज्यादा होता है उस कंपनी के शेयर प्राइस ज्यादा बढ़ सकती है ।

चलिए जान लेते हैं-

ईपीएस क्या है

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EPS kase calculate Kiya jata hai?

आप ऊपर दिए गए फोटो पर देख सकते हैं कि EPS = net income preferred dividend by average number of share outstanding

एग्जांपल के लिए फाइनेंसर ईयर्स 2022 में उस कंपनी का नेट इनकम सौ करोड़ है । हर कंपनी एसी एयर में 5 करोड़ का preferred dividend दिया है । और average outstanding common share 10 crore hai तो इस कंपनी का ईपीएस हो जाएगा दोस्तों 9.5 rs।

लेकिन दोस्तों आपको यह भी ध्यान रखना पड़ेगा कि हर कंपनी preferred dividend नहीं देती है । ऐसे में हम लोग पैसे निकालने के लिए नेट इनकम डिवाइड बाय आउटस्टैंडिंग शेयर करने से ही निकल जाएगा ।
एग्जांपल के लिए ऊपर वाले कंपनी में अगर preferred dividend ना देना है तो तो कंपनी का ईपीएस हो जाएगा ₹10 ।

तो दोस्तों हम लोग देख सकते हैं कि किसी कंपनी का ईपीएस का यह मतलब होता है कि उसका शेयर का आउटस्टैंडिंग का इन्वेंटरी रिलेशन रहता है । इसका मतलब है कि दोस्तों कंपनी का शेयर का गिनती बड़े गए तो ईपीएस घटेगा । अगर कंपनी के आउटस्टैंडिंग शेयर घटेगे तो कंपनी का ईपीएस बनेंगे ।

दोस्तों अक्सर कंपनी अपने शहर को buyback करते हैं । इससे उस कंपनी का मार्केट में कॉमन आउटस्टैंडिंग शेयर कम हो जाती है । और इसकी वजह से ही उस कंपनी का ईपीएस बढ़ जाता है।

Diluted EPS kya hota hai ?

अक्षर दोस्तों अपने आईपीएस का नाम तो सुना होगा लेकिन Diluted EPS यह क्या मैं बता रहा हूं आपको समझ में नहीं आ रहा है लगता है ‌। क्योंकि इसके बारे में ज्यादातर लोग बात ही नहीं करते हैं लेकिन आपको मैं सारे जानकारी देने की कोशिश करता हूं इसलिए इसके बारे में भी थोड़ा सा डिटेल्स में डिस्कस कर रहा हूं ।
Diluted EPS का मतलब है दोस्तों जब भी कोई कंपनी में कोई कर्मचारी या स्टॉप काम करता है तब भी उस कंपनी को अगर उस कंपनी का मालिक चाहे तो उस कंपनी का थोड़ा शेयर उसे भी दे देता है उसे तो कंपनी के अंदर जोड़ के जो बताता है उसी से कंपनी का नंबर और शेयर भी बढ़ जाता है । और इसका convertible share kaha jata hai . और कंपनी मालिक के पास जितना शेयर है और कर्मचारी के पास जितना शेयर होता है सभी को मिलाकर जो नेट इनकम को डिवाइड करने के बाद मिलता है उसी को ही Diluted EPS कहा जाता है ।

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चलिए उसका एक एग्जांपल भी देख लेते हैं तो आप नीचे दिए गए फोटो पर देख सकते हैं मान लीजिए किसी कंपनी का नेट इनकम इस साल 100 करोड़ है और कंपनी ने ऐसी फाइनेंसर ईयर में preferred dividend 5cr है और इस कंपनी का average outstanding common share 10 cr hai aur sath mein company ka total convertible security share ₹2 cr hai तो ऐसे में उस कंपनी का ईपीएस हो जाएगा 7.92 रूपीस । और इसी ईपीएस को हम लोग Diluted EPS कहते हैं ।

इपीएस का यूज क्यों किया जाता है ?

दोस्तों हमने देखा कि ईपीएस किसी कंपनी का अर्निंग पावर को दिखाता है । इसलिए अक्सर इन्वेस्टर्स high eps वाली कंपनी को पसंद करती है । इसके साथ-साथ ईपीएस का यूज़ pe ratio calculation करने के लिए भी यूज किया जाता है ।
दोस्तों आपको यह बात ध्यान में रखना होगा कि किसी कंपनी का 1 साल का ही eps उस कंपनी के बारे में ज्यादा इंफॉर्मेशन नहीं दे सकता । क्योंकि इस एक साल में कंपनी किसी की वजह से भी ज्यादा परफेक्ट बना सकती है । और इस वजह से उस कंपनी का ईपीएस 1 साल ज्यादा बढ़ भी सकती है । ईपीएस का सही यूज़ तभी होता है जब उस कंपनी का 3 से 5 साल का गौर आभारेज यूज देखते हैं ।

इन 5 सालों में कंपनी अपना eps हर साल बढ़ाने की कोशिश कर रहा है तभी वह कंपनी अच्छी मानी जाती है ।

eps meaning in share market in hindi (FAQ)

eps meaning in hindi?

इपीएस का मतलब है दोस्तों उस कंपनी के अंदर एक शेयर की पोती कितना इनकम है उस कंपनी का।

eps full form in hindi?

EPS full form is earning per share

शेयर मार्केट में EPS क्या होता है?

EPS का अर्थ होता हैं Earning Per Share. जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, यह अनुपात कंपनी के एक शेयर के पीछे की कमाई को बताता है। ईपीएस अनुपात हमें बताता है कि एक कंपनी एक निश्चित अवधि में एक आम शेयर पर कितना लाभ कमा रही है।

EPS की फुल फॉर्म क्या है?

कर्मचारी भविष्य निधि (Employee’s Provident Fund) 1952 के अधिनियम के तहत दो योजनाएं बनाई गई थी पहली कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और दूसरी कर्मचारी पेंशन योजना (EPS). ईपीएफ (EPF) और (EPS) ईपीएस को केंद्र सरकार द्वारा लागू किया जाता है जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि, नियोक्ता और कर्मचारी दोनों शामिल होते हैं।

EPS कितना होना चाहिए?

आम तौर पर भारतीय शेयर बाजार के इंडेक्स का P/E रेश्यो 15 से 20 गुना के बीच में होता है यानी औसतन 16-18 गुना।

एक अच्छा 5 साल का ईपीएस विकास दर क्या है?

जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, एक अच्छी ईपीएस वृद्धि दर 15% से अधिक है, और यह आमतौर पर उच्च राजस्व वृद्धि दर से पहले होगी।

ईपीएस हाई या लो होना चाहिए?

कंपनी की प्रति शेयर आय जितनी अधिक होगी, उसकी लाभप्रदता उतनी ही बेहतर होगी। ईपीएस की गणना करते समय, भारित अनुपात का उपयोग करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि बकाया शेयरों की संख्या समय के साथ बदल सकती है।

शेयरों में एक अच्छा ईपीएस क्या है?

जबकि औसत पी / ई अनुपात आमतौर पर एसएंडपी 500 के लिए 13 और 15 के बीच माना जाता है, एक प्रमुख स्टॉक इंडेक्स, 10 का पी / ई अनुपात एक संकेत हो सकता है कि स्टॉक का मूल्यांकन नहीं किया गया है और निवेशकों का मूल्यांकन नहीं किया गया है। के लिए कुछ ऊपर उठने की संभावना है। लेकिन ये सिर्फ दो मेट्रिक्स हैं जिनका उपयोग आप यह आकलन करने के लिए कर सकते हैं कि कोई स्टॉक निवेश करने लायक है या नहीं।

और मुझे उम्मीद है दोस्तों आपको हमारी यह पोस्ट eps kya hota hai – EPS ka ful form and meaning in share market in hindi 2022 अच्छी लगी है और इस पोस्ट से जुड़ी आपके मन में कोई सवाल है तो जरूर नीचे कमेंट करके बता सकती है ।


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